सैनेटरी पैड बांटने वाली दादी की कहानी !

सूरत, गुजरात की रहने वाली मीना मेहता 65 वर्ष की हैं। और अपने नेक काम से महिलाओं के दिल में जगह बना रही हैं। उनके काम की वजह से लोग उन्हें जानने लगे हैं। उनकी तारीफें सिर्फ लोगों तक ही सीमित नहीं है। मीना मेहता की तारीफ पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार तक कर चुके हैं। दरअसल मीना मेहता गरीब महिलाओं को सैनेटरी पैड संबंधी विषय पर जागरूक कर रही हैं। साथ हीं उन्हें सैनेटरी पैड और पीरियड के दौरान जरूरत पड़ने वाली चीजें बांटती हैं। ताकि वह महावारी से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से दूर रहें।
 
उनकी कहानी थोड़ी भावुक है। उनकी शुरूआत कैसे हुई यह पूछने पर वह रो पड़ती हैं। एक अखबार को दिए साक्षात्कार में वह बताती हैं कि एक बार वह कहीं जा रही थीं तब उन्होंने सड़क किनारे एक लड़की को महावारी से बचने के लिए कपड़े जैसी किसी चीज को खोजते देखा। उन्होंने उस लड़की को रोककर पूछा तो उस लड़की के जवाब ने उन्हें अचंभित और परेशान कर दिया। तब से लेकर अब तक उनका गरीब महिलाओं में सैनेटरी पैड बांटना जारी है। उनका यह भी कहना है कि वह अपने इस काम को जीवनभर करती रहेंगी। उनके काम की वजह से मीडिया में उन्हें ‘पैड वाली दादी’ कहा जाने लगा है ।
 
मीना कहती हैं, कि पैड बांटते समय उन्हें एक बच्ची से यह पता चला कि पैड के साथ अंडरवियर की भी समस्या झुग्गियों में आम बात है। अब मीना मेहता पैड के साथ पैंटी भी लड़कियों को बांटती है। मीना मेहता ने महिलाओं के लिए मैजिकल किट तैयार किया है। इस मैजिकल किट में 8 पैड का एक पैकेट, 2 अंडरवियर, 4 शैंपू का पाउच और 1 साबुन होता है। ऐसे बहुत कम लोग होते हैं जो दूसरों के बारे में सोचते हैं। मीना उनमें से एक है। उनका यह काम काफी प्रेरणादायक है। अपनी इस कोशिश से वह महिलाओं की परेशानियों को खत्म कर उन्हें आगे बढ़ाने में एक सशक्त योगदान दे रही हैं।
SP LOGO

Dr. Kirti Sisodhia

Content Writer

CATEGORIES Business Agriculture Technology Environment Health Education

SHARE YOUR STORY

info@seepositive.in

SEND FEEDBACK

contact@seepositive.in

FOLLOW US

GET OUR POSITIVE STORIES

Uplifting stories, positive impact and updates delivered straight into your inbox.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.
CATEGORIES Business Agriculture Technology Environment Health Education

SHARE YOUR STORY

info@seepositive.in

SEND FEEDBACK

contact@seepositive.in

FOLLOW US

GET OUR POSITIVE STORIES

Uplifting stories, positive impact and updates delivered straight into your inbox.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.