The 3 P’s of Business : मैनेजमेंट का ये नियम है सफलता का मंत्र, जानें कैसे होता है इस्तेमाल!

The three “P’s” of Business: किसी भी संस्थान की सफलता के लिए जरूरी है उसकी मैनेजमेंट का सही दिशा में काम करना। आज के समय में जहां कंपनी वित्तीय लाभ को देखती है वहीं समाजिक और पर्यावरण के हितों को भी ध्यान में रखकर काम करती है। इसे ही थ्री पी (The three “P’s” of Business) कहा जाता है। इसके हिसाब से चलकर व्यक्तिगत हितों के अलावा हम धरती का भी ध्यान रख सकते हैं। थ्री पी (The three “P’s” of Business) यानी कि people- लोग, planet- धरती और profit- लाभ। 

एक दूसरे के हितों से जुड़े हैं थ्री पी (The 3 “P’s” of Business)

People, planet और profit आपस में एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। अगर ऐसा कहें कि ये एक-दूसरे को पूरा करते हैं तो गलत नहीं होगा। दरअसल धरती इसकी पहली कड़ी है हर व्यक्ति काम और देखभाल अपनी पृथ्वी के लिए ही कर रहा है। वहीं जब लोग अपने व्यक्तिगत हितों के बारे में ध्यान देंगे तब ही वो धरती के बारे में सोच पाएंगे और प्रॉफिट किसी कंपनी के होने पर ये दोनों ही अच्छा प्रदर्शन करेंगे इसीलिए जरूरी है कि कोई समूह या संगठन थ्री पी (The 3 “P’s”) को फॉले करते हुए अपने दायित्वों को निभाए। 

थ्री पी (The three “P’s”) की सुरक्षा और लाभ एक बेहतर जीवन को निर्धारित करता है। सस्टेनेबल प्रोग्राम लोगों का ख्याल रखते हैं। ये धरती पर मौजूद महत्वपूर्ण संसाधनों की सुरक्षा कर उसकी ज़रूरतों को स्वीकारते हैं और लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए लक्ष्य बर्बादी के बिना लाभ पैदा करते हैं। ये सभी के जीवन के लिए आवश्यक है। 

थ्री पी (The three “P’s”)  का विचार है कि कंपनियां तीन अलग-अलग बॉटम लाइन मैप तैयार कर उस पर काम करें। ये एक संतुलित स्कोरकार्ड दृष्टिकोण का आधारित एक स्ट्रक्चर है। इसके लिए कंपनी जो उपाय करती है उस पर सबसे अधिक ध्यान आकर्षित होने की संभावना रहती है। 

थ्री पी (The 3 “P’s” of Business)  का विचार 

थ्री पी (The three “P’s”)  में सामाजिक इक्विटी, आर्थिक और पर्यावरणीय कारक शामिल होते हैं। इसके लिए “लोग, ग्रह और लाभ”आते हैं। इस कॉन्सेप्ट को सबसे पहले साल 1994 में जॉन एल्किंगटन ने सस्टेन एबिलिटी के रूप में तैयार किया था। बाद में इसे एंग्लो-डच तेल कंपनी शेल के प्रमुख के रूप में इस्तेमाल किया गया। साल 1997 में इसकी पहली रिपोर्ट प्रकाशित की गई। इसका नतीजा ये हुआ कि एक देश जिसमें 3 पी कॉन्सेप्ट पर काम किया वो मैनेजमेंट के क्षेत्र में काफी आगे निकल गई और वो देश था ‘नीदरलैंडस’

सभी के हितों को फॉलो करता है थ्री पी (The 3 “P’s” of Business)  

लोग, सामाजिक इक्विटी, या ह्यूमन प्रॉपर्टी को जोड़कर समुदाय और क्षेत्र की बेहतरी के लिए काम किया जाता है। ये कई मामलों में निष्पक्ष और फायदेमंद व्यावसायिक प्रथाओं से जुड़ा होता है। ये कंपनी के एक पारस्परिक सामाजिक संरचना की कल्पना को बल देती है। जिसमें कॉर्पोरेट, श्रम और दूसरे हितधारकों के हितों का कल्याण निर्भर करता है। 

ट्रिपल नीचे लाइन के लिए समर्पित एक उद्यम कई निर्वाचन क्षेत्रों को लाभ प्रदान करना चाहता है और उनमें से किसी भी समूह का शोषण या खतरे का उपयोग नहीं करना चाहता है। तैयार माल के विपणन से लाभ के एक हिस्से का “अपस्ट्रीमिंग” कच्चे माल के मूल उत्पादक के लिए, उदाहरण के लिए, उचित व्यापार कृषि ग्लोबल रिपोर्टिंग इनिशिएटिव थ्री पी (The three “P’s”)  को बदलाव के रूप में परिभाषित किया है। ये संगठनों को लाभ के साथ-साथ मानवीय जीवन और पर्यावरण का स्तर बढ़ाता है।

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Rishita Diwan

Content Writer

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