एक सब्जी बेचने वाली मां के बेटे ने बनाया फ्री अस्पताल, पिता को खोने के बाद किया था फैसला!

दुनिया में कितने ही ऐसे लोग होते हैं जो अपने दुखों से प्रेरणा लेकर दूसरों के दुख को कम करना चाहते हैं। ऐसे ही लोगों में शामिल है डॉक्टर अजय, जिनके माता-पिता ने काफी संघर्षों में अपना जीवन जिया। उनके पिता के जाने के बाद उनकी मां ने सब्जी बेचकर उनका पालन-पोषण किया। आज डॉक्टर अजय की वजह से कई लोगों को फ्री में स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही है। उनके संघर्ष की कहानी कई लोगों की प्रेरणा है…
 
डॉ अजय जब सिर्फ चार साल के थे तब उनके पिता इलाज के अभाव में चल बसे। उनकी मां ने सब्जी बेचकर परिवार का पालन-पोषण किया। डॉ अजय की मां का सपना था कि उनके क्षेत्र में एक फ्री अस्पताल होना चाहिए जिससे किसी भी जरूरतमंद को स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव न हो। शायद यही उनकी माँ सुभासिनी की कोशिश थी उनका बेटा डॉक्टर बना। उन्होंने सब्जियां बेचकर न सिर्फ अपने बेटे को डॉक्टर बनाया बल्कि अपने सपने को पूरा करके कईयों की मदद का जरिया भी बन गईं।
 
सुभासिनी ने सिर्फ 23 साल की उम्र में अपन पति को खो दिया। उन्होंने 4 बच्चों का पालन-पोषण अकेले किया। उन्होंने दिन-रात मेहनत करके अपने छोटे बेटे अजय को डॉक्टर बनाया। इस दौरान उनका कई लोगों ने मजाक भी उड़ाया। लेकिन सुभासिनी के हौसले कभी कम नहीं हुए। उन्होंने अपने साथ-साथ अपने बेटे को भी जरूरतमंद लोगों की मदद करने की प्रेरणा दी, ताकि डॉक्टर बनकर वह किसी दूसरे शहर जाने के बजाय अपने गांव में रहकर लोगों को बेहतर इलाज दे सकें।
 

गांव का पहला फ्री अस्पताल

डॉ. अजय ने अपनी मां का सपना पूरा किया। उन्होंने माँ की 20 सालों की मेहनत को जाया नहीं किया। डॉक्टरी पूरी करने के बाद डॉ अजय नौकरी करने के बजाय एक छोटे से बांस के कच्चे-पक्के कमरे में गांव के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का मुफ्त में इलाज करना शुरू कर दिया। समय के साथ 1993 में उन्हें 8000 रुपये का फंड भी मिल गया जिससे उन्होंने ‘Humanity Hospital’ नाम से एक छोटा सा अस्पताल बनाकर काम शुरू किया। उनकी नेक पहल ने कई उतार चढ़ाव देखे और 30 सालों के इस लम्बे सफर में डॉ अजय ने इस अस्पताल को कभी बंद नहीं किया। आज गांव हसपुकुर के आस-पास के कई गांवों के लोगों को फ्री स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही है। इस मां-बेटे के संघर्ष और नेक काम को seepositive सलाम करती है।

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Dr. Kirti Sisodhia

Content Writer

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