5000 तितलियों को पालने वाली प्रियंका को लोग कहते हैं बटरफ्लाई मॉम, जानें कैसे किया उन्होंने ये कमाल?

रंग-बिरंगी तितलियां हर किसी को अच्छी लगती है। तितलियां सभी का मन आसानी से मोह लेती हैं। लेकिन आज के दौर में तितलियां कहां देखने को मिलती हैं। कटते पेड़ और प्रदूषण की वजह से बायोडायवर्सिटी का सबसे अहम हिस्सा तितलियां अब गायब हो रही हैं। लेकिन एक मुंबई की एक लड़की है जिन्होंने अपने घर को तितलियों का घर बना दिया है। जानें उनकी अनोखी कहानी…
 
मुंबई की प्रियंका को लोग बटरफ्लाई मॉम के नाम से जानते हैं। उनके फ्लैट में तरह-तरह की तितलियों का ठिकाना है।
 
प्रियंका इन्हें बंद करके नहीं रखतीं, बल्कि उनके घर की बालकनी में उन्होंने अपने गार्डन को कुछ इस तरह तैयार किया है कि तितलियाँ वहां अपने आप आती रहती हैं।
 
प्रियंका तितलियों के अंडे से लेकर उनके खाने का ख्याल रखती हैं। इनका पालन-पोषण करती हैं और जब ये बड़ी हो जातीं हैं, तो बाहर खुले आसमान में उड़ती हैं।
 
मूल रूप से वाराणसी की रहने वाली प्रियंका ने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वह प्रकृति के संरक्षक के तौर पर अपनी पहचान बनाएंगी। लोग उनसे तितलियों की देखभाल करना सीख रहे हैं।
 

बटरफ्लाई मॉम की कहानी

प्रियंका मुंबई में एक बिल्डिंग की 13वीं मंजिल पर रहती हैं। यहाँ पर उन्होंने अपने एक कमरे की खिड़की पर काफी पेड़-पौधे लगाए हुए हैं। उन्होंने अपनी बेटी को प्राकृतिक माहौल में बड़ा करने के लिए यह ऑर्गेनिक गार्डन बनाया है। वे वह घर के वेस्ट मैनेजमेंट का भी पूरा ख्याल रखती हैं।
 
गार्डनिंग की शौकिन प्रियंका ने एक दिन देखा कि उनके एक पेड़ की पत्ती को छोटा-सा कैटरपिलर खा रहा है। उन्होंने उसे वहां से उसे हटाया नहीं। कुछ दिनों बाद उन्होंने देखा कि उस कैटरपिलर ने एक बहुत ही खूबसूरत तितली का रूप ले लिया है।
 
इस घटना के बाद, प्रियंका को तितलियों से इतना लगाव हो गया कि उन्होंने तितलियों के बारे में रिसर्च करना शुरू किया। प्रियंका बताती हैं कि उन्होंने अब तक लगभग 5000 तितलियों को पाला है। वे कहती हैं कि तितलियाँ कभी भी एक जगह नहीं टिकतीं।
 
तितलियां प्रियंका के गार्डन में आती हैं, रसपान करती हैं और वहीं पर अपने अंडे देकर उड़ जाती हैं। उनके अंडों से कैटरपिलर बनते हैं और फिर नयी तितलियाँ बनकर वातावरण में खो जाती हैं। तितलियों को अगर बढ़ने के लिए सही वातावरण न मिले, तो ये अंडे खराब हो सकते हैं। इसलिए प्रियंका इनका पूरा ख्याल रखती हैं। आधुनिकीकरण के साथ प्रकृति को कैसे सहेजना है ये सीख प्रियंका लोगों को सिखा रही हैं।
 
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Dr. Kirti Sisodhia

Content Writer

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