Organic Farming की राह दिखा रही हैं MP की एक शिक्षिका, संवार रही हैं 1400 किसानों की जिंदगी



Organic Farming: मध्य प्रदेश की प्रतिभा तिवारी 1400 किसानों की जिंदगी संवार रही हैं। भोपाल की रहने वाली प्रतिभा मैथ की टीचर हैं। शादी के बाद प्रतिभा जब भोपाल शिफ्ट हुईं तब वे गणित की टीचर थी। प्रतिभा जब भोपाल से 150 किलोमीटर दूर अपने ससुराल हरदा जाती थी तो रास्ते में उन्हें 150 एकड़ के फॉर्म और आसपास के किसानों को रसायनिक खाद और कीटनाशक का इस्तेमाल करते देखती थी। प्रतिभा को ये बात काफी परेशान करती थीं कि इतने रसायनिक खाद के उपयोग से कितना मिट्टी का नुकसान होता है।

1400 किसानों को ऑर्गेनिक खेती से जोड़ा

प्रतिभा तिवारी ने ऑर्गेनिक खेती (Organic Farming) के बारे में जानकारी जुटाई और आसपास के लोगों से बातचीत कर खेती की शुरुआत की। आज उनसे जुड़कर लगभग 1400 से अधिक किसान ऑर्गेनिक फार्मिंग कर रहे हैं। प्रतिभा ने खेती में नवाचार तो किया ही साथ ही किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद की है। भूमिशा ऑर्गेनिक के रूप में उन्होंने ऑर्गेनिक खेती की शुरुआत की। प्रतिभा का उद्देश्य इलाके के ज्यादातर किसानों को ऑर्गेनिक खेती से जोड़ना है।

किसानों के लिए प्रतिभा बनीं प्रेरणा

प्रतिभा तिवारी की इस पहल की वजह से इलाके के 1400 किसानों की आमदनी दोगुनी हो रही है। प्रतिभा तिवारी की भूमिशा ऑर्गेनिक के पास फिलहाल 70 से ज्यादा प्रोडक्ट है, प्रतिभा इसे सीधे बाजार में बेचती है और साल में एक करोड़ से अधिक का बिजनेस वे कर रही हैं।

प्रतिभा तिवारी ने एक इंटरव्यू में कहा, “मैं जब किसानों को उनके खेतों में केमिकल और फर्टिलाइजर का उपयोग करते हुए देखती थी तो मुझे बहुत दुख होता, मुझे ऐसा लगता कि लोगों को हेल्दी खाना जरूर मिलना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि किसान अपनी खेती को ऑर्गेनिक तरीके से करे।”

आसान नहीं थी प्रतिभा की राह

आज करोड़ रुपए का व्यापार कभी काफी मुश्किलों से गुजरा। पहले तो प्रतिभा को किसानों को मनाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। उन्होंने किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सबसे पहले अपने खेत में ऑर्गेनिक फार्मिंग की शुरुआत की। प्रतिभा ने बताया कि उनके इलाके के किसानों को ऑर्गेनिक फार्मिंग के लिए तैयार करने में 3 से 5 साल तक समय लग गया। यही उनके लिए काफी चुनौती भरा था। शुरुआत में कुछ किसानों को ऑर्गेनिक फार्मिंग से परेशानी भी हुई।
लेकिन प्रतिभा तिवारी ने हार नहीं मानी उन्होंने किसानों से गाय के गोबर, जैविक खाद आदि का इस्तेमाल कर उपज बढ़ाने के लिए काम करने को प्रेरित किया। प्रतिभा कहती हैं कि ऑर्गेनिक खेती की वजह से किसानों के खेत में गेहूं की 
उपज प्रति एकड़ 18 क्विंटल से गिरकर 10 क्विंटल तक रह गई थी।

Organic Farming से एक एकड़ से गेहूं की 15 क्विंटल उपज

Organic Farming की मदद से एक एकड़ से गेहूं की 15 क्विंटल तक पैदावार हो सकती है, प्रतिभा तिवारी ने शुरुआत में जब खेती की थी तब उन्होंने हरा चना उगाने का प्रयास किया, लेकिन कीड़े मकोड़े की वजह से उनकी पूरी फसल खराब हो गई।

साल 2016 में भोपाल में शुरू हुआ प्रतिभा का ये ऑर्गेनिक खेती का काम आज काफी अच्छा कर रहा है। प्रतिभा के पास इस समय ऑर्गेनिक फूड प्रोडक्ट के 70 से अधिक तरह के उत्पाद उपलब्ध हैं। इनमें गेहूं, चावल, दाल, मसाले, अचार, आटा और खाने वाले बीज शामिल हैं।

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Dr. Kirti Sisodhia

Content Writer

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