प्लास्टिक कचरे की समझ पैदा करने बना है अनोखा म्यूजियम, यहां प्लास्टिक कचरे के प्रति होते हैं लोग जागरूक

प्लास्टिक कचरा पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी परेशानी है, इससे निपटने के लिए दुनियाभर में अलग-अलग तरह से कोशिशें की जा रही है। पर क्या आपको पता है कि इंडोनेशिया (Indonesia) ने जो काम किया है उससे वाकई प्रेरणा ली जा सकती है। दरअसल इंडोनेशिया (Indonesia) ने प्लास्टिक को लेकर लोगों में जागरूकता लाने के लिए एक प्लास्टिक म्यूजियम (Plastic Museum) ही तैयार कर दिया है। ताकि लोग अपने मनोरंजन के साथ-साथ अपने दायित्वों के बारे में सोचें और प्लास्टिक से होने वाले नुकसान को करीब से जान सकें।

दरअसल, इंडोनेशिया (Indonesia) के ग्रेसिक में प्लास्टिक वेस्ट का एक म्यूजियम बनवाया गया है। यह म्यूजियम लोगों के बीच काफी रोमांच पैदा कर रहा है। लोग यहां पहुंचकर तस्वीरें और सेल्फी तो ले रहे हैं साथ ही कचरे और पर्यावरण में इसके प्रभाव को भी पहुंच रहे हैं। क्योंकि प्रर्यावरणविदों ( Environmentalists) ने तरह-तरह के प्लास्टिक वेस्ट से शानदार चीजें बनाई हैं। हालांकि, म्यूजियम का उद्देश्य लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर जागरूक करना और उनका इस्तेमाल बंद करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

10 हजार प्लास्टिक वेस्ट बना है म्यूजियम

एक न्यूज एजेंसी के खबर के मुताबिक, ‘पूर्वी जावा के ग्रेसिक में यह म्यूजियम एक आउटडोर एग्जीबिशन में लगाया गया है, जिसे पर्यावरणविदों ने प्लास्टिक कचरे से ली गई 10 हजार से अधिक चीजों के इस्तेमाल कर तैयार किया है। इनमें प्लास्टिक बैग्स, बोतलें, सैशे, पाउच और स्ट्रॉ जैसी चीजें शामिल हैं जिन्हें प्रदूषित नदियों और समुद्र तटों से जमा कर बनाया गया है।

म्यूजियम में बनाई गई हैं तरह-तरह की चीजें

जावा के लोगों के लिए ‘देवी श्री’ पूजनीय देवी है। इस म्यूजियम इनकी प्रतिमा को भी रखा गया है। दरअसल, देवी का लहंगा घर में उपयोग होने वाले प्लास्टिक के छोटे-छोटे पैकेट्स से बनाया गया है।

सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल हो बंद

इस म्यूजियम के संस्थापक Prigi Arisandi ने एक साक्षात्कार में कहा कि ‘हम लोगों में संदेश पहुंचाना चाहते हैं कि वह सिंगल यूज प्लास्टिक (एक बार प्रयोग कर फेंकने वाली प्लास्टिक) का इस्तेमाल बंद करें। क्योंकि इस तरह के प्लास्टिक को रिसाइकिल करना बेहद मुश्किल है… हमें आज से ही यह काम शुरू करना चाहिए। यह हमारे समुद्र को प्रदूषित करता है, जो हमारे खाने का भी स्त्रोत है।


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Dr. Kirti Sisodhia

Content Writer

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