हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम के रिजेक्ट होने पर बीमा लोकपाल की मदद से मिलेगा क्लेम

बीमा कंपनियां हर साल कई हेल्थ इंश्योरेंस के दावों को रिजेक्ट करती हैं? कई बार इन रिजेक्शन का कारण सही नहीं होता है। ऐसे में अगर लगता है कि बीमा सही होने के बावजूद भी क्लेम नहीं मिल पाया है तो उस स्थिति में बीमा कंपनी से अपना रिजेक्टेड क्लेम बीमा लोकपाल के जरिए ले सकते हैं।

सबसे पहले रजिस्टर्ड पोस्ट से सूचित करें

बीमा कंपनी स्वास्थ्य बीमा का दावा रिजेक्ट करने के बाद सबसे पहले बीमित को दावा रिजेक्ट करने के कारण को लिखित में बताती है। अगर आपका दावा सही है और आपको लगता है कि बीमा कंपनी के दावा रिजेक्ट करने का कारण सही नहीं है, तब आप बीमा कंपनी को लिखित में रजिस्टर्ड पोस्ट द्वारा सूचित कर सकते हैं।

अपने प्रोटेस्ट पत्र और ईमेल की कॉपी IRDAI हैदराबाद की ईमेल आईडी complaints@irdai.gov.in एवं कंपनी के हेड ऑफिस के ग्रीवेंस सेल को भेजें। दावा करने वाले के द्वारा पत्र, ईमेल भेजने के बाद भी अगर एक माह के अंदर कंपनी दावे का भुगतान नहीं करती है या सूचित नहीं करती है, तब आप अपने क्षेत्र के बीमा लोकपाल में अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

बीमा लोकपाल से कैसे करें शिकायत
  • दावा करने वाला व्यक्ति बीमा लोकपाल को अपनी शिकायत सादे पेपर में लिखकर या टाइप करके रजिस्टर्ड पोस्ट और ईमेल के जरिए कर सकता है।
  • इसमें बीमित व्यक्ति का नाम, हस्ताक्षर, बीमा का पॉलिसी नंबर, बीमा दावा नंबर, दावा कितने रुपए का है, ये सब बताना होगा।
  • पूरा एड्रेस पिन कोड के साथ, फोन नंबर, ईमेल आईडी, बीमा कंपनी का नाम एवं उस ऑफिस का एड्रेस जहां से पॉलिसी ली गई है ये सब बताना चाहिए।
  • शिकायत के साथ हॉस्पिटल के बिल, डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन, इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट, बीमा कंपनी की ओर से दिए गए रिजेक्शन लेटर की कॉपी को अटैच कीजिए।
  • शिकायत पत्र में यह जरूर बताना चाहिए कि बीमा कंपनी द्वारा दावा रिजेक्शन के जो कारण बताए हैं वह क्यों गलत हैं, एवं आपका दावा क्यों सही है।

बीमा लोकपाल में शिकायत के नहीं है कोई चार्ज

स्वास्थ्य बीमा विशेषज्ञों का कहना है कि बीमा लोकपाल में शिकायत, पत्र से या व्यक्तिगत रूप से या फिर पोस्ट से की जा सकती है। अगर किसी दावे का केस कंज्यूमर कोर्ट में लंबित है, उस स्थिति में बीमा लोकपाल में शिकायत नहीं की जा सकती है। बीमा लोकपाल में शिकायत के लिए किसी तरह की फीस नहीं लगती है। बीमा लोकपाल में शिकायत बीमित द्वारा या फिर बीमित के वारिस के द्वारा की जा सकती है।

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Dr. Kirti Sisodhia

Content Writer

CATEGORIES Business Agriculture Technology Environment Health Education

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