श्रमदान की मिसाल है जयपुर का एक वार्ड, सफाई के प्रति यहां के लोगों की लगन है काफी प्रेरणादायी

Clean City: जयपुर नगर निगम ग्रेटर के वार्ड-26 के लोग पूरी दुनिया के लिए मिसाल बन रहे हैं। वजह है यहां के लोगों की सफाई के प्रति जुनून और लगन। इस इलाके में आपको गंदगी का ढेर तो दूर, थोड़ा सा भी कचरा नहीं दिखाई देगा। साफ-सुथरे क्षेत्र के पीछे यहां के लोगों का हाथ है। यहां टीम-नाइन के 200 से ज्यादा मेंबर झाडू, तगारी, फावडे लेकर सफाई में जुट जाते हैं। सफाई के लिए किसी का इंतजार नहीं किया जाता है।
 

सफाई की लिए डॉक्टर, इंजीनियर, व्यापारी, टीचर सभी लगाते हैं झाड़ू

सफाई करने वाले समूह का नाम है, टीम नाइन। क्षेत्र के सभी लोग इसका हिस्सा हैं। इस टीम के 200 से ज्यादा सदस्य पिछले करीब नौ साल अपने वार्ड को साफ रखने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यहां रहने वाले सभी लोग आपसी सद्भाव से सफाई करते हैं, भले ही वे डॉक्टर, इंजीनियर, व्यापारी, टीचर या फिर कोई भी हो। इस टीम में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
 

श्रमदान यहां रहने वाले लोगों के दिनचर्या का हिस्सा

इस क्षेत्र का इतना साफ-सुथरा होने की वजह है यहां के लोगों ने सफाई को अपनी दिनचर्या हिस्सा बना लिया है। यहां रहने वाला हर व्यक्ति रोजाना दो घंटे श्रमदान जरूर करता है। इस वार्ड के विकास समितियो के पदाधिकारी भी टीम नाइन के काम की तारीफ करते नहीं थकते हैं। उनका कहना हैं की कुछ भी परेशानी होने पर एक कॉल से तुरंत समाधान हो जाता हैं।
 
जो लोग ज्यादा व्यस्त रहते हैं वे भी छुट्टी के दिन श्रमदान कर वार्ड को साफ-सुथरा बनाने का कार्य करते हैं। यहां के लोगों का संकल्प है, क्लीन और ग्रीन सिटी बनाने का। वार्ड पार्षद दिनेश कावंट कहते हैं कि पूरा वार्ड ओपन कचरा डिपो मुक्त है। 22 अगस्त 2014 को वार्ड के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत अभियान’ से प्रेरित होकर इस काम की शुरूआत की थी। शुरू में बहुत ही कम लोग इस काम का हिस्सा थे, आज इस अभियान से 200 से ज्यादा लोग जुड़े हैं।
 

कचरा मुक्त वार्ड का सम्मान

नगर निगम ग्रेटर के वार्ड-26 के पार्षद दिनेश कावंट ने यह भी बताया कि टीम-9 के सदस्यों ने अपने पैंसों से संसाधन लिए और 3 हजार 169 दिनों से प्रतिदिन दो घंटे श्रमदान किया। इस वार्ड में अब साफ-सुथरी चमचमाती सड़के और पार्क दिखाई देती है। लेकिन पहले ऐसा नहीं था। जगह-जगह गन्दगी के ढेर पड़े थे. पार्कों मे कचरा रहता था। ड़को पर सारे दिन धूल-मिट्टी से कचरा फैलता हुआ रहता था। लेकिन यहां के लोगों ने प्रण लिया कि सफाई के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहेंगे और सबसे साफ वार्ड का सम्मान हमें मिला है।
 
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Dr. Kirti Sisodhia

Content Writer

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