आपका घर होता है आपके पर्सनालिटी का रिफ्लेक्शन, क्योंकि हर घर कुछ कहता है!



घर एक ऐसी जगह है, जहां हम सुकून का अनुभव करते हैं, फिर आप चाहे दुनिया के किसी भी कोने में हों। इसीलिए घर, जो आपको संतुष्टी देता है, सुकून का अनुभव करवाता है। उसकी देख-रेख, साज-सज्जा का भी ख्याल हमें रखना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि घर को आप जैसे रखते हैं, वैसे ही आपके व्यक्तित्व का प्रदर्शन भी होता है। इसीलिए घर के रख-रखाव को आपका प्रतिबिंब कहें तो कोई बड़ी बात नहीं है।

कैसा हो आपके घर का प्रवेश?

घर का प्रवेश वह जगह है जहां सबसे पहले ध्यान जाता है। ऐसे में जिसकी भी नजर आपके घर पर पड़े उसे शीतलता, सरलता और साफ-सुथरा महसूस होना चाहिए। इसके लिए आप प्रवेश द्वार को खास बना सकते हैं। यदि आप प्रकृति प्रेमी हैं तो आप घर के बाहर गमलों में पौधे लगा सकते हैं या क्यारी भी तैयार कर सकते हैं। अगर कुछ मज़ेदार करना पसंद है तो घर के बाहर कैप्शन लिखकर बोर्ड लगा सकते हैं। जैसे, ‘आइए चाय-शाय हो जाए’ या ‘इस घर में ख़ुशियां रहती हैं।’ इसके अलावा राजस्थानी थीम पसंद हो तो प्रवेश द्वार पर मिरर वर्क भी खास हो सकता है।

कमरे करते हैं बहुत कुछ बयां

अगर आपके घर में एक से ज्यादा कमरें हैं, तो हर कमरे को एक अलग टच दिया जा सकता है। जैसे पढ़ने के शौक़ीन हैं तो एक कमरे को स्टडी रूम बना सकते हैं। यहां कम से कम सामान और पढ़ने के लिए बुक शैल्फ, मैप्स, टेबल लैम्प जैसी चीजें रखें। अगर आध्यात्मिक हैं तो एक कमरे को ध्यान, पूजन का स्थान बना सकते हैं या फिर फिटनेस फ्रीक हैं तो एक कमरे में अपना छोटा-सा जिम का लुक भी दे सकते हैं। वहीं बेडरूम को पसंद के अनुसार साइड टेबल, डैकोरेटिव पीस या अपनी तस्वीरों से सजाएं।

रंगों से हो दीवारों का रिश्ता

घर में प्रवेश के बाद सबसे पहले नजर दीवारों पर जाती है। अगर शांत स्वभाव के व्यक्ति हैं तो दीवारों का रंग हल्का या सौम्य रखें। वहीं दीवारों पर रंगों के साथ प्रयोग न करें। अगर प्रयोग पसंद हैं तो दीवार पर चटक रंग भी लगवा सकते हैं। दीवारों के लिए आजकल कई तरह के वॉलपेपर्स भी उपलब्ध हैं जो जीवंत महसूस होते हैं। इन्हें भी पसंद के अनुसार उपयोग में ला सकते हैं।

सुकून के लिए हो एक कोना

घर की एक ऐसी जगह चुनें जिसे आप अपने हिसाब से डिज़ाइन कर सकें। जहां आप सुकून महसूस करें। वो बालकनी हो सकती है, छत का कोना हो सकता है या खिड़की के पास की जगह भी हो सकती है। इस जगह पर मोढे या बांस की कुर्सी रख सकते हैं। फेयरी लाइट्स या फिर रंगीन लैम्प्स लगा कर उपयोग में ला सकते हैं। कई सारे कुशन और छोटे पौधे भी यहां लगा सकते हैं। जहां बैठकर आप शाम की चाय का मजा ले सकते हैं।

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Dr. Kirti Sisodhia

Content Writer

CATEGORIES Business Agriculture Technology Environment Health Education

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