सरकार ने कौशल विकास में अनुकरणीय योजना के लिए देश के 30 जिलों को किया सम्मानित



जिला कौशल विकास योजना में उत्कृष्टता के लिए पुरस्कार का दूसरा संस्करण June 9, नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में आयोजित किया गया, जहां शीर्ष 30 जिलों को अपने क्षेत्र में कौशल विकास में उनके अभिनव सर्वोत्तम अभ्यासों के लिए सम्मानित किया गया। इसमें शामिल सभी जिलों में गुजरात का राजकोट पहले स्थान पर, असम का कछार दूसरे स्थान पर और महाराष्ट्र का सतारा जिला क्रमश तीसरे स्थान पर शीर्ष रहे।

इस पुरस्कार समारोह में कई प्रतिनिधियों ने भाग लिया

इस पुरस्कार समारोह में 30 राज्यों के जिला कलेक्टरों, जिलाधिकारियों और अन्य प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपने विचारों तथा अनुभवों को साझा किया। उन्होंने अपने-अपने जिलों में जमीनी स्तर पर किए गए कौशल विकास कार्यों को भी प्रस्तुत किया। तीस जिलों का चयन किया गया और निम्नलिखित तीन श्रेणियों के तहत पुरस्कार दिए गए:

श्रेणी I:  जिला कौशल विकास योजना में उत्कृष्टता के लिए 8 पुरस्कार

श्रेणी II:  जिला कौशल विकास योजना में उत्कृष्टता के लिए 13 प्रमाण पत्र

श्रेणी III:  9 जिला कौशल विकास योजना के लिए प्रशंसा पत्र

बाद में एक संवादात्मक सत्र में, अधिकारियों ने केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान तथा कौशल विकास एवं उद्यमिता और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री (एमओएस) श्री राजीव चंद्रशेखर से मुलाकात की और अपने क्षेत्र में किए गए सर्वोत्तम अभ्यासों तथा कार्यों के बारे में बताया।

उर्ध्वगामी सोच अपनाने की सलाह दी

प्रौद्योगिकी की हालिया भूमिका के आलोक में, जिलों को दोनों मंत्रियों श्री धर्मेंद्र प्रधान और श्री राजीव चंद्रशेखर की ओर से कौशल विकास की दिशा में एक उर्ध्वगामी (बॉटम अप- नीचे से उपर की ओर) सोच अपनाने की सलाह दी गई।
सूक्ष्म-कार्यान्वयन के लिए प्रधानमंत्री की सूक्ष्म -नियोजन के नजरिये से निर्देशित, डीएसडीपी पुरस्कार राज्य और राष्ट्रीय स्तर के कौशल विकास योजना के साथ जिला योजनाओं को एकीकृत करने में डीएससी के लिए एक गाइड के रूप में कार्य करते हैं।

गुजरात के राजकोट जिले में दिव्यांग लोगों पर अधिक ध्यान दिया गया

विजेता जिलों में, गुजरात के राजकोट डीएससी ने जिले में कौशल विकास को बढ़ाने के लिए कई परियोजनाओं को लागू किया है। दिव्यांग लोगों (पीडब्ल्यूडी) को कुशल बनाने पर अधिक ध्यान देने के साथ राजकोट जिले ने सीखने में अक्षम और मानसिक विकार से ग्रस्ता दिव्यांग लोगों की काफी मदद की।

भंडार और उपयोग होने तक की कम अवधि और उच्च परिवहन लागत के कारण असम के कछार जिले के अनानास किसानों को आपूर्ति श्रृंखला में बड़ी मुश्किलें आती थी, जिससे उन्हें बड़ी मात्रा में फलों का सस्ते में निपटान करने और उन्हें बाजार मूल्य पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा। स्थानीय स्तर पर अनानास उत्पादों के निर्माण के लिए एक प्रसंस्करण इकाई स्थापित करके कछार डीएससी समस्या के समाधान के लिए एक त्वरित समाधान लेकर आया है। इससे किसानों को अनानास को एक बार फिर से आकर्षक लाभ पर बेचने के लचीलापन और मोलभाव करने की क्षमता मिली।

महाराष्ट्र के सतारा में विभिन्न कार्यक्रमों को लागू किया गया

महाराष्ट्र के सतारा में डीएससी ने आपदा प्रबंधन के लिए कौशल को मजबूत करने और कार्यबल को प्रशिक्षित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों को लागू किया। जिले के पास कोविड के दौरान प्रभावित महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण के साथ सशक्त बनाने की जिम्मेदारी भी है।

उन जिलों को चुना गया जिन्होंने कौशल विकास के साथ नवाचार को बढ़ावा दिया

कौशल विकास के क्षेत्र में जिलों द्वारा किए गए असाधारण और अभिनव कार्यों को विकेन्द्रीकृत योजना को बढ़ावा देने, स्वीकार करने और पुरस्कृत करने के लिए जून 2018 में एमएसडीई द्वारा आजीविका संवर्धन के लिए कौशल अधिग्रहण और ज्ञान जागरूकता (“संकल्प”) के तहत डीएसडीपी पुरस्कार शुरू किए गए थे। पहला डीएसडीपी पुरस्कार समारोह 2018-19 में आयोजित किया गया था, जिसमें 19 राज्यों के 228 जिलों ने इस पहल में भाग लिया था। इसमें उन जिलों को पुरस्कारों के लिए चुना गया जिन्हों ने कौशल विकास पहल के साथ नवाचार को बढ़ावा देते हुए स्थानीय आजीविका को सक्षम करने का काम किया था।

एमएसडीई का उद्देश्य

एमएसडीई की सोच है कि ये पुरस्कार सभी जिला कौशल समितियों (डीएससी) को प्रोत्साहित करेंगे और जिला स्तर पर लक्षित परियोजनाओं को लागू करने के लिए क्षमताओं का उपयोग करके डीएसडीपी के बारे में बेहतर समझ को बढ़ावा देंगे। परियोजना का उद्देश्य संकल्प की प्राथमिक पहल के प्रभाव को अधिकतम करना है, जो राज्य और जिला स्तर पर कौशल विकास के लिए संस्थागत तंत्र को मजबूत करेगा है।
पुरस्कार प्रविष्टियों का मूल्यांकन करने के लिए आईआईटी दिल्ली और आईआईटी खड़गपुर को आंकलन भागीदार के रूप में चुना गया।

30 जीत हासिल करने वाले जिले

श्रेणी

राज्य

ज़िला

1

गुजरात

राजकोट

2

असम

कछार

3

महाराष्ट्र

सतारा

4

केरल

मल्लापुरम

5

उत्तराखंड

रुद्रप्रयाग

6

महाराष्ट्र

सिंधुदुर्ग

7

बिहार

गया

8

छत्तीसगढ़

दंतेवाड़ा

9

बिहार

अररिया

10

उत्तर प्रदेश

बहराइच

11

हिमाचल प्रदेश

मंडी

12

महाराष्ट्र

वाशिम

13

गुजरात

पाटन

14

उत्तराखंड

बागेश्वर

15

तमिलनाडु

तिरूपुर

16

उत्तर प्रदेश

गाजियाबाद

17

उत्तर प्रदेश

चंदौली

18

महाराष्ट्र

ठाणे

19

मध्य प्रदेश

सिंगरौली

20

चंडीगढ़

चंडीगढ़

21

छत्तीसगढ़

महासमुंद

22

उत्तर प्रदेश

सोनभद्र

23

झारखंड

गिरिडीह

24

गुजरात

सुरेंद्र नगर

25

कर्नाटक

रायचुर

26

महाराष्ट्र

सोलापुर

27

केरल

त्रिस्सुर

28

आंध्र प्रदेश

विशाखापट्टनम

29

आंध्र प्रदेश

प्रकाशम

30

हरियाणा

नुह (मेवात)

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Dr. Kirti Sisodhia

Content Writer

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