CAR AIRBAGS: अब 6 एयरबैग के साथ आपकी कार की सवारी होगी ज्यादा सुरक्षित!

Highlights:

  • 8 पैसेंजर वाली गाड़ी में 6 एयरबैग्स अनिवार्य।
  • GSR नोटिफिकेशन को मंजूरी।
  • 1 जुलाई, 2019 से ड्राइवर एयरबैग और 1 जनवरी, 2022 से फ्रंट पैसेंजर एयरबैग को अनिवार्य किया था।

खबरों में क्या है?

रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे मिनिस्टर नितिन गडकरी ने कार में 6 एयरबैग्स को अनिवार्य करने के लिए जीएसआर नोटिफिकेशन को मंजूरी दे दी है। गडकरी ने सोशल मीडिया के जरिए यह जानकारी दी है कि अब 8 पैसेंजर तक के मोटर वाहनों में सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए कम से कम 6 एयरबैग्स को अनिवार्य कर दिया गया है। यानी कि अब किसी भी कार कंपनी को कार के बेस मॉडल में भी 6 एयरबैग्स की सुविधा रखनी होगी।

पॉजीटिव एंगल



यहां बात आपकी सुरक्षा का है। लंबी दूरी पर अगर आप परिवार के साथ कहीं निकल रहे हैं। सड़क या ट्रैफिक कैसा भी हो। पर एयरबैग्स आपको एक तरह की निश्चिचितता देंगे। कि आपके सुरक्षा का टूल आपके कार में है। वैसे तो सुरक्षा की गारंटी तब ही है जब आप ट्रैफिक रूल के मानकों को ध्यान में रखकर गाड़ी चलाएं लेकिन फिर भी किसी भी तरह की दुर्घटना में एयरबैग्स आपकी सुरक्षा करेंगे। वैसे भी दुनिया में बुरे रोड एक्सीडेंट के मामले में भारत चौथे नंबर पर है।

आपके बजट में मिलेगी सुरक्षा



वैसे तो सुरक्षा से बड़ा कोई बजट नहीं। लेकिन अगर बात एयरबैग्स पर लगने वाले एक्स्ट्रा खर्चों की है तो ऑटो एक्सपर्ट्स कहते हैं कि पीछे की सीट पर पैसेंजर्स के लिए 4 एयरबैग्स जोड़ने पर 8 से 9 हजार तक का खर्च अलग से करना होगा। एक एयरबैग की कीमत करीब 1800 रुपए होती है। और पुराने स्ट्रक्चर में बदलाव के लिए अलग से 500 रुपए खर्च करने पड़ेगे। डिवाइस और लेबर कॉस्ट भी बढ़ेगा तो कुल-मिलाकर 30 हजार रुपए का अतिरिक्त खर्च अब सुरक्षा के लिहाज से किया जाएगा।

कितने महत्वपूर्ण होते हैं एयरबैग्स?

कार में सुरक्षा के दृष्टि से एयरबैग्स काफी महत्वपूर्ण होते हैं। जब वाहन से कुछ सामने से टकराता है तो एक सेकेंड से भी कम समय में एयरबैग खुलकर पैसेंजर के सिर और सीने को सुरक्षा देते हैं। जिसकी वजह से शरीर डैशबोर्ड से टकराने से बच जाता है। एयरबैग से पूरी तरह सुरक्षा मिले इसलिए आपको लिए सीट बेल्ट जरूर लगाना होगा। सीट बेल्ट नहीं लगाने की स्थिति में एयरबैग चोट पहुंचा देते हैं।

SP LOGO

Dr. Kirti Sisodhia

Content Writer

CATEGORIES Business Agriculture Technology Environment Health Education

SHARE YOUR STORY

info@seepositive.in

SEND FEEDBACK

contact@seepositive.in

FOLLOW US

GET OUR POSITIVE STORIES

Uplifting stories, positive impact and updates delivered straight into your inbox.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.
CATEGORIES Business Agriculture Technology Environment Health Education

SHARE YOUR STORY

info@seepositive.in

SEND FEEDBACK

contact@seepositive.in

FOLLOW US

GET OUR POSITIVE STORIES

Uplifting stories, positive impact and updates delivered straight into your inbox.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.