SADGURU’S ‘SAVE SOIL MOVEMENT’: 100 दिन, 27 देश और 30 हजार किमी बाइक यात्रा पर सद्गुरू, मिट्टी बचाओ आंदोलन की हुई शुरूआत!


HIGHLIGHTS:
  • सद्गुरु जग्गी ने की मिट्टी बचाओ अभियान की शुरूआत
  • मिट्टी बचाओ अभियान के तहत बाइक यात्रा पर निकले सद्गुरु
  • 100 दिनों में 27 देशों की यात्रा कर भारत तक की दूरी तय करेंगे
  • ‘100 दिन तक पूरी दुनिया को मिट्टी के बारे में बोलना चाहिए’- सद्गुरु

सद्गुरु जग्गी वासुदेव (Sadhguru Jaggi Vasudev) ने 22 मार्च को मिट्टी बचाओ आंदोलन की शुरूआत लंदन से की। इस आंदोलन के जरिए वे 100 दिनों की यात्रा कर 27 देशों में घूमेंगे और दुनिया को ‘Save Soil’ का संदेश देंगे।

लंदन से हुई ‘SAVE SOIL MOVEMENT’ की शुरूआत

सद्गुरु ने लंदन के ट्रफालगर स्क्वायर (Trafalgar Square) से अपने मिट्टी बचाओ अभियान (save soil campaign) को हरी झंडी दिखाई। वे अकेले ही इस यात्रा पर बाइक से निकले हैं। इन 100 दिनों की यात्रा के दौरान सदगुरू यूके, यूरोप, और मिडल-ईस्ट से होते हुए 27 देशों से गुजरते हुए भारत तक की यात्रा को पूरी करेंगे। इस दौरान सद्गुरू दुनिया के नेताओं, मीडिया, प्रमुख विशेषज्ञों से मिलेंगे और मिट्टी को बचाने के लिए एकजुट होकर काम करने के लिए जोर देंगे।

‘SAVE SOIL MOVEMENT’ की क्यों पड़ी है जरूरत?

यूएन कन्वेंशन टू कॉम्बैट डेज़र्टिफिकेशन (UNCCD) ये कहती है कि, साल 2050 तक धरती की 90 प्रतिशत मिट्टी बेकार हो सकती है, जिससे दुनियाभर में विनाशकारी संकट आने की संभावना है। मिट्टी के बेकार और प्रदूषित होने से भोजन और पानी की कमी, सूखा और अकाल, विपरीत जलवायु परिवर्तन, भारी मात्रा में लोगों का पलायन, और प्रजातियों का तेजी से विलुप्त होना शामिल है। ‘मिट्टी का क्षय’ यानी कि ‘Soil erosion’ मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है। मिट्टी के तेजी से खराब होने से धरती पर भोजन पैदा करने की क्षमता खत्म हो रही है।

सद्गुरू बाइक यात्रा से कैसे बचाएंगे मिट्टी?

ईशा फाउंडेशन (Isha Foundation) के संस्थापक सद्गुरु के अनुसार उनकी बाइक यात्रा ना तो विरोध का तरीका है और ना ही कोई दबाव की रणनीति। यह आम नागरिकों की इच्छा को प्रकट करने का एक तरीका है। मिट्टी बचाओ अभियान (save soil campaign) की शुरुआत से इन 100 दिनों में आप में से हर किसी को पांच से दस मिनट तक मिट्टी के बारे में विचार रखना होगा। यह बहुत महत्वपूर्ण है, कि- पूरे विश्व को 100 दिनों के लिए मिट्टी के बारे में बात करनी चाहिए।

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Dr. Kirti Sisodhia

Content Writer

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