STREE MANORAKSHA PROJECT: महिलाओं के MENTAL HEALTH में सुधार की दिशा में पहल!

HIGHLIGHTS:

  • Mental Health की दिशा में बेहतर होगी महिलाओं की स्थिति
  • महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MoWCD) ने NIMHANS की पहल
  • स्त्री मनोरक्षा प्रोजेक्ट के जरिए महिलाओं के मेंटल हेल्थ की दिशा में होगा काम

Stree Manoraksha Project: भारत में महिलाओं के मेंटल हेल्थ (Mental Health) के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MoWCD) ने NIMHANS बैंगलोर के साथ मिलकर स्त्री मनोरक्षा प्रोजेक्ट की शुरूआत की है। इस कार्यक्रम के तहत भारत में महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के सुधार के लिए काम किया जाएगा।

Mental Health और स्त्री मनोरक्षा प्रोजेक्ट

महिलाओं के मेंटल हेल्थ (Mental Health) को दूर करना इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य है। यह परियोजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MoWCD) की अनुमानित जरूरों के आधार पर दो फॉर्मेट्स (Formats) में लागू होंगी। इनमें से एक फॉर्मेट (Formats) के जरिए सुरक्षा गार्ड, रसोइया, सहायक, केस वर्कर, परामर्शदाता, केंद्र प्रशासक, पैरामेडिकल स्टाफ जैसे सभी OSC पदाधिकारियों को बुनियादी प्रशिक्षण दिया जाएगा। और दूसरे फॉर्मेट (Format) के अंतर्गत महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामलों में पीढ़ियों से चली आ रही परेशानियों और आजीवन आघात जैसे समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए उन्नत पाठ्यक्रम पर जोर दिया जाएगा।

Mental Health में कैसे सुधार करेगा स्त्री मनोरक्षा प्रोजेक्ट (Stree Manoraksha Project)

यह प्रोजेक्ट OSC (One-Stop Center) के पदाधिकारियों के क्षमता निर्माण पर काम करेगी। दरअसल कोविड महामारी के दौरान वन स्टॉप सेंटर्स ने महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर बेहतरीन काम किया है। फिलहाल देश में 700 OSC काम कर रहे हैं। इन वन-स्टॉप सेंटर में महिलाएं चिकित्सा, कानूनी और आपराधिक मुद्दों पर सहायता ले सकती हैं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सभी क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध होगा ताकि इसे समझना आसान हो। इसके लिए NIMHANS द्वारा एक वेबसाइट भी बनाई गई है जिसमें प्रशिक्षण के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

One Stop Centers क्या हैं ?

One Stop Centers वन स्टॉप सेंटर, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MoWCD) के तहत एक योजना है। इस योजना के तहत महिलाओं के लिए उन केंद्रों की स्थापना की जाती है जहां पर ऐसी महिलाओं की सहायता की जाती है, जो घर, सोसाइटी(Society) और कार्यस्थल(Worksplace) में हिंसा का शिकार हुई हों। जो महिलाएं यौन, शारीरिक, मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक और आर्थिक शोषण का सामना करती हैं, उन्हें उनकी उम्र, वर्ग, जाति, शिक्षा की स्थिति, वैवाहिक स्थिति, जाति या संस्कृति की परवाह किए बिना सहायता जी जाती है।

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Dr. Kirti Sisodhia

Content Writer

CATEGORIES Business Agriculture Technology Environment Health Education

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