स्वच्छ भारत मिशन अर्बन 2.0 और अमृत 2.0 भारत में लॉच

भारत सरकार ने सवच्छता की ओर एक कदम और आगे बढ़ाया है। केन्द्र सरकार की सबसे महात्वाकांक्षी योजनाओं में से एक स्वच्छ भारत मिशन का दूसरा चरण शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन अर्बन 2.0 और अमृत 2.0 प्रोग्राम को नई दिल्ली स्थित डॉक्टर अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में लॉन्च किया। मिशन 2.0, शहरों को कचड़ा मुक्त करने के साथ ही पानी को सुरक्षित करने के लिए डिजाइन किया गया है।

100% Daily Waste Process का लक्ष्य

साल 2014 में मोदी सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन को लॉन्च किया था। उस समय हर दिन होने वाले वेस्ट का 20% से भी कम प्रोसेस होता था। अगर हम आज की बात करे तो लगभग 70% तक Daily Waste Process किया जाता है। मिशन 2.0 इस डिजाइन पर आधारित होगा कि देश में 100% तक Waste Process किया जा सके। इस मिशन के तहत शहरों से कूड़े के पहाड़ों को हटाया जाएगा। साथ ही केंद्र सरकार का यह लक्ष्य है कि वह आधुनिक तकनीकों से इन्हें खत्म करें। प्राथमिक तौर पर सरकार सीवेज सिस्टम को दुरुस्त करेगी। सरकार इस मिशन के तहत इस बात का भी ध्यान रखेगी कि घरों से निकलने वाला गंदा पानी नदियों में न मिले।

सवच्छता का भार संभालेंगे युवा

प्रधानमंत्री ने आयोजित कार्यक्रम में कहा कि-‘मुझे खुशी होती है कि स्वच्छता अभियान का बीड़ा हमारे युवा उठा रहे हैं। टॉफी के रैपर अब जमीन पर नहीं फेंके जाते, बल्कि जेब में रखे जाते हैं। छोटे-छोटे बच्चे, बड़ों को टोकते हैं कि गंदगी मत करिए। स्वच्छता हर किसी का, हर दिन, हर पखवाड़े और हर साल पीढ़ी दर पीढ़ी चलने वाला अभियान है। स्वच्छता जीवनशैली है, जीवन मंत्र है’।

मिशन, मान और मर्यादा

“पीएम मोदी ने कहा कि यह देश की एक महात्वाकांक्षी योजना है। और मातृभूमि के लिए अप्रतिम प्रेम भी है। इसमें मिशन भी है, मान भी है, मर्यादा भी है। स्वच्छ भारत अभियान और अमृत मिशन की अब तक की यात्रा हर देशवासी को गर्व से भर देने वाली है।“

इसके साथ ही इस मिशन को प्रधानमंत्री मोदी में बाबा साहेब अंबेडकर के सपने को पूरा करने वाला मिशन बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मिशन 2.0 बाबा साहेब के सपनों को पूरा करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम होगा। क्योंकि वे असमानता को दूर करने का सबसे बड़ा जरिया शहरी विकास को मानते थे।

SP LOGO

Dr. Kirti Sisodhia

Content Writer

CATEGORIES Business Agriculture Technology Environment Health Education

SHARE YOUR STORY

info@seepositive.in

SEND FEEDBACK

contact@seepositive.in

FOLLOW US

GET OUR POSITIVE STORIES

Uplifting stories, positive impact and updates delivered straight into your inbox.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.
CATEGORIES Business Agriculture Technology Environment Health Education

SHARE YOUR STORY

info@seepositive.in

SEND FEEDBACK

contact@seepositive.in

FOLLOW US

GET OUR POSITIVE STORIES

Uplifting stories, positive impact and updates delivered straight into your inbox.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.