PRAGGNANANDHAA VS MAGNUS CARLSEN: 16 वर्षीय भारतीय ग्रैडमास्टर आर. प्रागननंदा ने विश्व नंबर-1 कार्लसन को हराया!

HIGHLIGHTS:

  • ऑनलाइन रैपिड शतरंज टूर्नामेंट एयरथिंग्स मास्टर्स चैंपियनशिप
  • चैंपियनशिप में कार्लसन को ग्रैंडमास्टर आर. प्रागननंदा ने हराया
  • प्रागननंदा ने कार्लसन को 39 चालों में मात दी

Praggnanandhaa vs Magnus Carlson: भारत के 16 साल के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रागननंदा (R Praggnanandhaa) ने विश्व नंबर-1 चेस मास्टर मैगनस कार्लसन को हराया। प्रागननंदा ने कार्लसन को ऑनलाइन रैपिड शतरंज टूर्नामंट एयरथिंग्स मास्टर्स के आठवें दौर में हराया। उन्होंने कार्लसन को अपने शानदार गेम से 39वें चाल में हराया। इस जीत से पहले कार्लसन ने लगातार तीन बाजियां जीती थीं।

12वें नंबर पर पहुंचे प्रागननंदा

इस जीत के बाद भारतीय ग्रैंडमास्टर प्रागननंदा के पास 8 पॉइंट हो गए हैं। और वे 8वें दौर के बाद संयुक्त 12वीं जगह पर हैं। पिछले दौर की बाजियों में उम्मी द के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाने वाले प्रागननंदा की कार्लसन पर जीत उनका आत्मविश्वास बढ़ाएगी। ग्रैंडमास्टर ने इससे पहले केवल लेव आरोनियन के खिलाफ जीत हासिल की थी। इसके अलावा प्रागननंदा ने 2 बाजियां ड्रॉ खेली, जबकि 4 बाजियों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

कौन हैं प्रागननंदा?

इनका पूरा नाम रमेशबाबू प्रगननंदा है। प्रागननंदा का संबंध तमिलनाडू से हैं। उन्होंने सात साल की उम्र में ही वर्ल्ड यूथ चेस चैंपियनशिप अपने नाम की थी। नौ साल की उम्र में अंडर-10 टाइटल जीतने वाले आर. प्रागननंदा दुनिया के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बनने वाले पांचवे खिलाड़ी हैं। उन्हें साल 2018 में ग्रैंडमास्टर का दर्जा मिला था। 2018 में प्रागननंदा की उम्र 12 साल 10 महीने और 13 दिन थी। प्रागननंदा कार्लसन को हराने वाले तीसरे भारतीय शतरंज खिलाड़ी हैं। उनसे पहले कार्लसन को केवल विश्वनाथन आनंद और पी हरिकृष्णा ने ही हराया है।

SP LOGO

Dr. Kirti Sisodhia

Content Writer

CATEGORIES Business Agriculture Technology Environment Health Education

SHARE YOUR STORY

info@seepositive.in

SEND FEEDBACK

contact@seepositive.in

FOLLOW US

GET OUR POSITIVE STORIES

Uplifting stories, positive impact and updates delivered straight into your inbox.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.
CATEGORIES Business Agriculture Technology Environment Health Education

SHARE YOUR STORY

info@seepositive.in

SEND FEEDBACK

contact@seepositive.in

FOLLOW US

GET OUR POSITIVE STORIES

Uplifting stories, positive impact and updates delivered straight into your inbox.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.