Information: आधार में आसानी से बदल सकते हैं एड्रेस, जानें क्या हैं इसके जरूरी स्टेप्स और डॉक्यूमेंट



आधार आज के समय में सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट है। इसके बिना हम कोई भी जरूरी काम नहीं कर सकते हैं। यही वजह है कि आधार से जुड़ी सभी तरह की सुविधाओं को मुहैया करवाने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने हेड ऑफ फैमिली सेवा की शुरूआत की है। इस सुविधा के जरिए आधार यूजर घर के मुखिया (Head Of Family) की सहमति से उसके आधार डॉक्यूमेंट के जरिए अपने आधार में दर्ज एड्रेस में ऑनलाइन सुधार करने में सक्षम हो पाएंगे। आधार की हेड ऑफ फैमिली सर्विस से ऐसे लोगों को फायदा मिलेगा, जिनके पास खुद के पूरे डॉक्यूमेंट नहीं हैं।

आधार है जरूरी

आधार कार्ड नागरिक की पहचान का सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट है। किसी भी यूजर की सभी जानकारी आधार में दर्ज होती है। लेकिन, कई बार लोगों के पास अपने डॉक्यूमेंट नहीं होते हैं, जिसकी वजह से वह आधार में उन जानकारियों जैसे एड्रेस आदि दर्ज करने में सफल नहीं हो पाते हैं। इस स्थिति में आधार यूजर्स हेड ऑफ फैमिली सर्विस का इस्तेमाल कर इस परेशानी से छुटकारा पा सकते हैं। राशन कार्ड, मार्कशीट, विवाह प्रमाण पत्र, पासपोर्ट आदि संबंध के प्रमाण से जुड़े दस्तावेज जमा करके हेड ऑफ फैमिली सेवा का लाभ ले सकते हैं। पर यह जरूरी है कि आवेदक और हेड ऑफ फैमिली का नाम और उनके बीच के संबंध का उल्लेख उसमें किया गया हो।

विभिन्न वजहों से शहरों और कस्बों में काम या किसी दूसरी वजह से शिफ्ट होने वाले लोगों के लिए यह सुविधा शुरू हुई है। यह विकल्प यूआईडीएआई द्वारा निर्धारित किसी भी वैध पते के प्रमाण का उपयोग करते हुए मौजूदा पते में सुधार की सुविधा के अतिरिक्त किया जा सकता है। 18 वर्ष से अधिक उम्र का कोई भी निवासी इस उद्देश्य के लिए एक हेड ऑफ फैमिली बन सकता है। इस प्रक्रिया के माध्यम से जरूरत के लिए यूजर अपने रिश्तेदारों के साथ अपना एड्रेस शेयर कर सकता है।

ऑनलाइन सुधार के लिए प्रोसेस

• ‘माई आधार’ पोर्टल (https://myaadhaar.uidai.gov.in ) में नागरिक एड्रेस में ऑनलाइन सुधार कर सकते हैं।

• इसके लिए हेड ऑफ फैमिली विकल्प को चुन सकता है।

• फिर निवासी को हेड ऑफ फैमिली (एचओएफ ) की आधार संख्या दर्ज करने की अनुमति मिलेगी, जिसकी सिर्फ पुष्टि करनी है।

• हेड ऑफ फैमिली (HOF) की पर्याप्त गोपनीयता बनाए रखने के लिए एचओएफ के आधार की कोई दूसरी जानकारी स्क्रीन पर प्रदर्शित नहीं होगी।

• एचओएफ की आधार संख्या की पुष्टि होने के बाद नागरिक को संबंध के प्रमाण अपलोड करने के बाद इसके लिए 50 रुपये फीस देनी होगी।

• सफल भुगतान पर नागरिक के साथ एक सेवा अनुरोध संख्या (एसआरएन) शेयर होगी और पते के अनुरोध से जुड़ा एक एसएमएस एचओएफ को भेजा जाएगा।

• एचओएफ को सूचना प्राप्त होने की तारीख से 30 दिन के भीतर माई आधार पोर्टल में लॉग इन करके अपनी सहमति देनी होगी।

हेड ऑफ फैमिली से इनकार करने पर होगी परेशानी

आधार प्राधिकरण के मुताबिक आवेदक इस बात का ध्यान रखे कि अगर एचओएफ अपना पता साझा करने से इनकार कर देता है या एसआरएन जारी होने के 30 दिन के भीतर उसे स्वीकार या इनकार नहीं करता है तो अनुरोध बंद हो जाएगा। इस विकल्प के माध्यम से एड्रेस अपडेट करने की कोशिश करने वाले नागरिक को एक एसएमएस के माध्यम से अनुरोध के बंद होने के बारे में सूचित किया जाएगा। अगर अनुरोध बंद हो जाता है या एचओएफ की स्वीकृति नहीं 
मिलने के कारण अस्वीकार कर दिया जाता है तो आवेदक को धनराशि वापस नहीं होगी।

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Dr. Kirti Sisodhia

Content Writer

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